अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 38 वरिष्ठ महिलाओं को CM धामी ने किया सम्मानित, कहा— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”

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Lucknow, 8 Mar, 2026 02:14 PM
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 38 वरिष्ठ महिलाओं को CM धामी ने किया सम्मानित, कहा— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”

देहरादून: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रदेश की वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली राज्यभर की 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।


मुख्यमंत्री ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से ही पीढ़ियां आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं मां के रूप में अपने जीवन के अनेक सुखों का त्याग कर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं और परिवार को सशक्त बनाती हैं। वरिष्ठ महिलाएं केवल परिवार ही नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की भी संरक्षक होती हैं।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान अत्यंत प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। प्रदेश की महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ खेत-खलिहानों को भी संभालती हैं और कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।”


मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध माताओं की सेवा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार महिलाओं, विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा भी प्रदान कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होती हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय जीवन ही व्यक्ति को जीवंत बनाए रखता है और महिला सशक्तिकरण की शुरुआत घर से होकर समाज और देश तक पहुंचती है।


सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “Give to Gain” निर्धारित की गई है। इसी थीम के अनुरूप 60 वर्ष से अधिक आयु की ऐसी वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया है, जो उम्र के इस पड़ाव पर भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।


उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न, मध्यम और उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन जिला स्तर की समिति के माध्यम से किया गया।


इस अवसर पर देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ सहित विभिन्न जनपदों की कुल 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम में उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़, निदेशक बीएल राणा, विक्रम सिंह, एस.के. त्रिपाठी, मोहित चौधरी सहित अनेक अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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