उत्तराखंड : सेफर इंटरनेट डे–2026: उत्तराखंड में 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का पाठ

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Lucknow, 10 Feb, 2026 08:13 PM
उत्तराखंड : सेफर इंटरनेट डे–2026: उत्तराखंड में 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का पाठ

देहरादून। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) उत्तराखंड द्वारा विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के सहयोग से 10 फरवरी 2026 को “सेफर इंटरनेट डे–2026” के अवसर पर राज्यभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।


NIC अधिकारियों द्वारा आयोजित इन कार्यशालाओं में साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड, डीपफेक, फिशिंग और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे बढ़ते खतरों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तेजी से बढ़ती डिजिटल निर्भरता के बीच साइबर हाइजीन अपनाना और AI का विवेकपूर्ण उपयोग समय की आवश्यकता है।


भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के द्वितीय मंगलवार को “सेफर इंटरनेट डे” मनाया जाता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित और बेहतर इंटरनेट वातावरण को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026 में सुरक्षित इंटरनेट दिवस की थीम “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प: ए.आई. का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग” रही।


कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड एवं राजकीय इंटर कॉलेज, रायपुर में लगभग 200 विद्यार्थियों ने प्रत्यक्ष रूप से प्रतिभाग किया। वहीं वर्चुअल माध्यम से राज्य के 1100 से अधिक विद्यालयों के लगभग 30 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त 200 से अधिक स्थानों से यूट्यूब लिंक के माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़ाव हुआ। सत्र के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रश्न भी पूछे।


विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को साइबर बुलिंग, व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और ऑनलाइन ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीरें या लोकेशन सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें और अनजान ईमेल या संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही बताया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में cybercrime.gov.in पोर्टल या टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।


कार्यक्रम में राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी एवं उपमहानिदेशक ए. के. दधीचि सहित NIC की टीम के सदस्य राजीव जोशी, हिमांशु कुमार, पुष्पांजलि, कैलाश किमोठी, रोहित चंद्रा, शक्ति रतूड़ी, कनुप्रिया गाबा, रचना एवं सौरभ रतूड़ी उपस्थित रहे।


NIC उत्तराखंड द्वारा आयोजित यह अभियान डिजिटल युग में सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक इंटरनेट उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


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