नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026: सीमांत नीति घाटी से साहसिक पर्यटन को मिली नई पहचान
भारतीय सेना और पर्यटन विभाग के संयुक्त आयोजन ने सीमांत विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था और एडवेंचर टूरिज्म को दी नई गति
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Jun, 2026 06:41 PMचमोली। उत्तराखंड के सीमांत एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ ने साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। तीन दिवसीय इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा ली, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन विकास, स्थानीय सहभागिता और नागरिक-सैन्य समन्वय का एक सफल मॉडल भी प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में 31 मई से 2 जून तक आयोजित इस भव्य प्रतियोगिता ने देशभर के खिलाड़ियों, पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों का ध्यान नीति घाटी की ओर आकर्षित किया। हिमालय की दुर्गम चोटियों, कम ऑक्सीजन, कठिन चढ़ाई और बदलते मौसम के बीच आयोजित इस आयोजन ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
देशभर से पहुंचे प्रतिभागी, कई श्रेणियों में हुई प्रतिस्पर्धाएं
उत्तराखंड पर्यटन विभाग और भारतीय सेना के संयुक्त सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर रन तथा एमटीबी चैलेंज जैसी विभिन्न श्रेणियों में आयोजित किया गया।
प्रतिभागियों ने समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अदम्य साहस, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया।
सेना और प्रशासन के समन्वय ने बनाया आयोजन को सफल
आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच उत्कृष्ट समन्वय रहा। सीमित संसाधनों और दुर्गम क्षेत्र में आयोजित इस प्रतियोगिता में सेना ने प्रतिभागियों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा सहायता, मार्ग सुरक्षा, संचार नेटवर्क और आपातकालीन सहायता जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया।
सेना के अनुशासन और प्रशासन की योजनाबद्ध कार्यशैली के चलते पूरा आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए पूरे रूट पर विभिन्न स्थानों पर मेडिकल पोस्ट स्थापित किए गए थे। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार सामग्री और आपातकालीन निकासी की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।
प्रतिभागियों की लगातार स्वास्थ्य निगरानी की गई, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा लाभ
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का सकारात्मक प्रभाव स्थानीय समुदाय पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रतिभागियों और पर्यटकों के कारण स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
होमस्टे संचालकों, स्थानीय दुकानदारों, परिवहन सेवाओं, भोजन व्यवस्था और गाइड सेवाओं से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खेल प्रतियोगिता से आगे बढ़ाकर सामुदायिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अभियान को मिली मजबूती
यह आयोजन केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ पहल की भावना के अनुरूप सीमांत क्षेत्रों में विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने वाला प्रभावी कदम साबित हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि सीमांत क्षेत्र केवल सामरिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन, संस्कृति, खेल और आर्थिक विकास की अपार संभावनाओं से भी परिपूर्ण हैं।
स्थानीय लोगों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ इस आयोजन ने नीति घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तार की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि नीति घाटी की अनूठी भौगोलिक परिस्थितियां, ऊंचाई, हिमालयी ट्रैक और साहसिक वातावरण इसे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर स्पोर्ट्स आयोजनों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी।
सीमांत विकास का नया अध्याय
‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, समर्पण, समन्वय और विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित किया है कि मजबूत योजना, प्रभावी प्रबंधन और सामूहिक प्रयासों के बल पर देश के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विश्वस्तरीय आयोजन सफलतापूर्वक किए जा सकते हैं। नीति घाटी में आयोजित यह आयोजन आने वाले समय में सीमांत विकास और साहसिक पर्यटन के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।



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