उत्तराखंड में अगस्त 2026 तक नवीन आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश

सचिव गृह शैलेश बगोली ने की उच्च स्तरीय समीक्षा, ई-एफआईआर और समयबद्ध विवेचना पर दिया जोर

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Lucknow, 17 Jun, 2026 07:35 PM
उत्तराखंड में अगस्त 2026 तक नवीन आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव गृह शैलेश बगोली ने की। बैठक में पुलिस, कारागार, न्यायपालिका, अभियोजन और फॉरेंसिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान सचिव गृह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में नवीन आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत अनुपालन अगस्त 2026 के अंत तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्रियान्वयन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए थाना स्तर पर कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।

श्री बगोली ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा ई-एफआईआर प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफआईआर की विवेचना और निस्तारण में तेजी लाते हुए 60 और 90 दिनों की निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में डिजिटल एकीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव गृह ने सभी ऑनलाइन प्रणालियों को एकीकृत करते हुए "एक डेटा, एक प्रविष्टि" (One Data, One Entry) के सिद्धांत को लागू करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और कार्यकुशलता को बढ़ाया जा सके।

इसके अलावा उन्होंने कारागार विभाग को निर्देशित किया कि बंदियों की शत-प्रतिशत न्यायालयीन पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जाए, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाई जा सके।

सचिव गृह ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य में नवीन आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण रूप से लागू किया जा सके।

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