देहरादून में जनजातीय महोत्सव 2026: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय समाज को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

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Lucknow, 25 Mar, 2026 09:47 PM
देहरादून में जनजातीय महोत्सव 2026: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय समाज को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं का सशक्त आधार है तथा राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।


राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस महोत्सव में देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।



‘आदि गौरव सम्मान’ से हुआ सम्मानित



कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू लोक गायिका स्व. रिंकू देवी राणा और दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई।



जनजातीय संस्कृति और विरासत को मिला मंच



मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत संस्कृति, परंपराओं और जीवन दर्शन का प्रतीक है। इस तरह के आयोजन जनजातीय समुदाय की विरासत को नई पहचान दिलाने का कार्य करते हैं।



केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख



सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ शामिल हैं, जो शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही हैं।


उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है।



राज्य सरकार की पहलें



मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 128 जनजातीय गांवों के समग्र विकास पर कार्य किया जा रहा है। कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि चकराता और बाजपुर में नए विद्यालय निर्माणाधीन हैं।


उन्होंने कहा कि जनजातीय युवाओं के लिए आईटीआई संस्थान, निःशुल्क कोचिंग और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।



संवेदनशील शासन का उदाहरण



मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। यह सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



जनजातीय समाज के लिए विशेष पहल



उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत बुक्सा और राजी जनजाति क्षेत्रों में बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ में नए एकलव्य विद्यालय के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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