फांटो जोन के 180 नेचर गाइडों को मिला रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

बोले— नेचर गाइड उत्तराखंड के जंगलों, वन्यजीवों और संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडर, पर्यटन से रोजगार और रिवर्स पलायन को मिल रही नई दिशा

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Lucknow, 18 Jul, 2026 09:51 PM
फांटो जोन के 180 नेचर गाइडों को मिला रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

देहरादून/रामनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास सभागार से वर्चुअल माध्यम से तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के फांटो जोन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान प्रशिक्षित 180 महिला एवं पुरुष नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि उनके कौशल, परिश्रम और प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर गाइड स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले अनेक युवा रिवर्स पलायन कर अपने गांव लौटे हैं, जो उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते रोजगार और नई संभावनाओं का सकारात्मक संकेत है।

धामी ने कहा कि फांटो जोन आज केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि ईको-टूरिज्म और समुदाय आधारित पर्यटन का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है। यहां की समृद्ध जैव विविधता, घने वन, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फांटो जोन तेजी से टाइगर साइटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में भी पहचान बना रहा है, जबकि यहां विकसित ट्री हाउस पर्यटकों को प्रकृति के बीच अनूठा अनुभव प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रकृति संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ईको-टूरिज्म के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, होमस्टे संचालकों, वाहन चालकों, स्थानीय उत्पाद निर्माताओं और छोटे व्यापारियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उसे रोजगार, स्वरोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रिवर्स पलायन से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। होमस्टे, शीतकालीन पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और आध्यात्मिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब केवल पुरानी यादों के नहीं, बल्कि नई संभावनाओं, रोजगार और समृद्धि के केंद्र बन रहे हैं।

नेचर गाइडों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका दायित्व केवल पर्यटकों का मार्गदर्शन करना नहीं है, बल्कि वे उत्तराखंड के जंगलों के प्रहरी, वन्यजीव संरक्षण के सहयोगी और प्रदेश की संस्कृति, परंपरा तथा ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। वे पर्यटकों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइडों और प्रदेशवासियों से प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देकर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और देश का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नेचर गाइड और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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