ज्योतिर्मठ पुनर्वास कार्यों से संतुष्ट NDMA, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 9 Jul, 2026 08:09 PMदेहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने ज्योतिर्मठ में भूधंसाव के बाद चल रहे पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया है। गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक में एनडीएमए के सदस्यों ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं।
बैठक की अध्यक्षता एनडीएमए की सदस्य रीता मिस्सल और सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने की। इस दौरान पुनर्वास कार्यों की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। एनडीएमए ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और प्राधिकरण ज्योतिर्मठ के प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा उनके सुरक्षित पुनर्वास और आजीविका को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
रीता मिस्सल ने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। सभी कार्य स्थानीय समुदाय को विश्वास में लेकर किए जाएं, ताकि पुनर्वास कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सकें। बैठक में प्रभावित परिवारों को दिए जा रहे मुआवजे की प्रगति की भी समीक्षा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से मुआवजा वितरण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
एनडीएमए के सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भूधंसाव के नियमित वैज्ञानिक जोखिम आकलन पर जोर दिया। उन्होंने भूमि की गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी के लिए आधुनिक मॉनिटरिंग उपकरण जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि संभावित खतरे का समय रहते आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को तकनीकी या अन्य किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर एनडीएमए हरसंभव सहयोग देगा।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ज्योतिर्मठ पुनरुत्थान परियोजना के तहत मई 2025 में राज्य को 292 करोड़ रुपये की पहली किश्त प्राप्त हुई थी। इस राशि से ढाल स्थिरीकरण, टो प्रोटेक्शन, सीवर और ड्रेनेज सहित कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। एनडीएमए ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि असुरक्षित घोषित 55 भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनडीएमए ने इस कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि संभावित जोखिम को जल्द कम किया जा सके।
समीक्षा के दौरान वर्ष 2025 में आई विभिन्न आपदाओं के बाद पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत 811 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मद में 182.67 करोड़ रुपये की पहली किश्त राज्य को मिल चुकी है। एनडीएमए ने निर्देश दिए कि उपलब्ध धनराशि का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र, प्रभावी और परिणामोन्मुख उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुनर्वास कार्यों में और तेजी लाई जा सके।



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