दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर ट्रैफिक डायवर्जन, 8 जून तक बदलेगा रूट

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Lucknow, 21 May, 2026 08:57 PM
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर ट्रैफिक डायवर्जन, 8 जून तक बदलेगा रूट

देहरादून। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के गणेशपुर–देहरादून सेक्शन पर ढलान स्थिरीकरण (स्लोप स्टेबलाइजेशन) कार्य के चलते 22 मई से 8 जून 2026 तक यातायात डायवर्जन योजना लागू रहेगी। सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है, जबकि हाईवे का शेष भाग सामान्य यातायात के लिए खुला रहेगा।


भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के चौथे चरण (गणेशपुर–देहरादून सेक्शन) में पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग और अतिरिक्त मलबा हटाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है। कार्य 22 मई से शुरू होगा और इसे वर्षा ऋतु से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


अधिकारियों के अनुसार, हाईवे के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। यात्रियों की सुविधा और यातायात संचालन के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन भी तैनात किए जाएंगे।


देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर लेफ्ट हैंड साइड (LHS) कैरिजवे से राइट हैंड साइड (RHS) कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद लगभग 1.250 किलोमीटर तक यातायात RHS कैरिजवे से संचालित होगा। दात काली टनल से पहले किलोमीटर 15+900 पर वाहनों को पुनः LHS कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा।


वहीं, दिल्ली और सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल (RHS) पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर डायवर्ट किया जाएगा। करीब 1.3 किलोमीटर पुराने मार्ग का उपयोग करने के बाद यातायात को पुनः दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के RHS कैरिजवे (14+650) पर वापस लाया जाएगा।


यह सेक्शन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां चौड़ीकरण कार्य के दौरान पहाड़ों की कटिंग की गई है। संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संवेदनशील स्थानों पर पहले ही स्टोन कैचर लगाने की व्यवस्था की है, ताकि हाईवे पर पत्थर गिरने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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