उत्तराखंड को सड़क अवसंरचना के लिए ₹7 हजार करोड़ की बड़ी सौगात, सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

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Lucknow, 30 Jun, 2026 05:38 PM
उत्तराखंड को सड़क अवसंरचना के लिए ₹7 हजार करोड़ की बड़ी सौगात, सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रतिभाग करते हुए राज्य से जुड़े सड़क एवं अवसंरचना विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में उत्तराखंड की सड़क अवसंरचना के लिए करीब 7 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन और आपदा प्रबंधन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं सुदृढ़ सड़क नेटवर्क विकसित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लंबित परियोजनाओं पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।

CRIF और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मिली मंजूरी

बैठक में केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए उत्तराखंड सरकार को लगभग 750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी देने पर सहमति बनी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग (NHO) के अंतर्गत 5 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनकी अनुमानित लागत करीब 2966 करोड़ रुपये है।

इन परियोजनाओं में श्रीनगर बाईपास, पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार मार्ग का फोरलेन निर्माण, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की अलाइनमेंट, मझोला से खटीमा आबादी क्षेत्र में फोरलेन विस्तार तथा रामनगर-रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की 530.11 करोड़ रुपये की लंबित प्रतिपूर्ति राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध भी किया।

अर्धकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार और कोटद्वार बाईपास पर जोर

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने Ardh Kumbh Mela 2027 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही कोटद्वार बाईपास परियोजना में तेजी लाने का भी अनुरोध किया गया, जिस पर सहमति प्रदान की गई।

नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों को अन्य मार्गों से जोड़ने के लिए Spur आधारित परियोजनाओं हेतु करीब 3000 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक सहमति दी। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से NH-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण की लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजना पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी।

भूस्खलन प्रबंधन और BRO परियोजनाओं पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए Uttarakhand Landslide Mitigation and Management Centre (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिक उपचारात्मक कार्यों के लिए MoU करने का अनुरोध किया, जिसे मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी।

इसके अलावा Border Roads Organisation (BRO) से संबंधित लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना-तेखला-नेताला-गरमपानी खंड की DPR और जोशीमठ बाईपास के संशोधित प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने की मांग भी रखी गई।

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखंड में सड़क संपर्क व्यवस्था और आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों के विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि और राज्य की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री Ajay Tamta, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सड़क परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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