हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा एक्शन, 6 अधिकारियों समेत 10 लोगों पर दर्ज होगा मुकदमा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 19 Jun, 2026 07:23 PMदेहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन लेते हुए 10 लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत यह कार्रवाई की गई है। विजिलेंस जांच में आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के जरिए भूमि खरीद-बिक्री कर नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों और भूमि विक्रेताओं के खिलाफ अभियोग दर्ज किए जाने को मंजूरी दे दी है। दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
जांच में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनमें तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियंता एवं प्रभारी अधिशासी अभियंता आनंद सिंह मिश्राण, तत्कालीन संपत्ति लिपिक वेदपाल और तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश कांडपाल शामिल हैं।
इसके अलावा भूमि विक्रेता और अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेंद्र कुमार, अभिषेक यादव और सुजीत कुमार सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का कहना है कि पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखी जा रही है।



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