धामी सरकार का विकास फोकस: 4 साल में 819 पंचायत भवन बने, 7 हजार किमी सड़कें गड्ढामुक्त
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 10 Mar, 2026 02:23 PMदेहरादून, 10 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इसी क्रम में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है। यह जानकारी मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने सदन को दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पंचायतीराज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर इन जीर्ण-शीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया। इसके तहत पिछले चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष भवनों पर भी तेजी से कार्य जारी है।
7 हजार किमी से अधिक सड़कें हुईं गड्ढामुक्त
लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए भी व्यापक अभियान चलाया गया। विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के क्रम में वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले 3134 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया। वहीं मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा चुका है। इस अभियान के तहत अकेले हरिद्वार जनपद में 313 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया।
तीर्थस्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं पर तेजी से काम
प्रदेश में प्रमुख तीर्थस्थलों को रोपवे से जोड़ने की दिशा में भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन मंत्री ने सदन में बताया कि कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन पीपीपी मोड में शुरू हो चुका है। इसके अलावा चम्पावत जनपद में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी रोपवे का निर्माण पीपीपी मोड में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जनपद में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक रोपवे परियोजना भी पीपीपी मोड में विकसित की जा रही है। इसके साथ ही गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे तीर्थयात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।


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