हरिद्वार गंगा कॉरिडोर को मिली रफ्तार: मुख्यमंत्री धामी ने 235 करोड़ की चार परियोजनाओं का किया शिलान्यास
कुंभ-2027 और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को मिलेगा बड़ा बल, हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनाने की दिशा में अहम कदम
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 21 Jul, 2026 06:12 PMहरिद्वार। उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत वाली चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के पूरा होने से आगामी कुंभ-2027 और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी, जबकि स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
अलकनंदा होटल, हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए तथा निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का विकास करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए राज्य सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। इसी उद्देश्य से हरिद्वार में नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था का आधुनिकीकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर और शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल का निर्माण तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इसके अलावा हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज और श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी और हर की पैड़ी से चंडी देवी तथा मनसा देवी मंदिर तक रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कांवड़ यात्रा के लिए केवल अस्थायी व्यवस्थाओं तक सीमित रहने की पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी और आधुनिक विकास की दिशा में कार्य शुरू किया है, ताकि हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और देवभूमि की पहचान के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि से 12 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाया गया है तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि सभी परियोजनाओं को महाकुंभ-2027 से पहले पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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