महिला आरक्षण पर विशेष सत्र जरूरी, 2029 से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी: महेंद्र भट्ट
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 7 Apr, 2026 08:30 PMदेहरादून 7 अप्रैल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने महिला आरक्षण को लेकर विशेष सत्र का स्वागत करते हुए, महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता बताया है। उन्होंने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा जो लोग 2029 में आरक्षण लागू करने की मांग करते थे वहीं आज इसकी टाइमिंग एवं प्रयोजन को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। जबकि पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि किसी की सीटें कम नहीं होंगी बल्कि आनुपातिक रूप में संख्या का बढ़ना निश्चित है। साथ ही शुभ कार्य की टाइमिंग के लिए आपत्ति उचित नहीं होती है।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। जिसके क्रम में महिलाओं को निर्वाचित जन प्रतिनिधित्व वाली शीर्ष संस्थाओं में यथोचित अधिकार सुनिश्चित करना भी है। नारी शक्ति वंदना अधिनियम के माध्यम से मोदी सरकार ने देश की आधी आबादी को उसका पूरा अधिकार दिलाने का प्रयास किया है। चूंकि इस आरक्षण की प्रक्रिया को 2029 में ही प्रारंभ करने की दृष्टि से सरकार द्वारा ये विशेष सत्र बुलाया गया है जो बहुत ही स्वागत योग्य निर्णय है।
उन्होंने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला उनकी ही सरकार ने किया है। बजट सत्र को पूरा करने के बजाय उसका विस्तार किया गया है ताकि संसद 16, 17 और 18 अप्रैल को तीन दिन इस महत्वपूर्ण कानून पर चर्चा करे। इसका मकसद है महिला आरक्षण से जुड़े कानून के शीघ्र अमल के लिए में जरूरी संशोधन प्रक्रिया पूरी करना, ताकि इसका लाभ तय समय पर मिल सके। मोदी सरकार का प्रयास है कि साल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 प्रतिशत बहनें संसद में पहुंचें और जनप्रतिनिधि बनें, इसके लिए सभी जरूरी कानूनी प्रावधान पूरे करने के लिए ही संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वो कल तक इस कानून को शीघ्र लागू करने को आसमान सर पर उठाए हुए थे और आज सीटों के परिसीमन को लेकर आशंका से इस कानून को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। जबकि डिलिमिटेशन को लेकर उठ रही सभी आशंकाओं को पीएम मोदी और सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी। जबकि इस कानून के तहत महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान किया जाएगा। महिलाओं के लिए जो सीटें तय की जाएंगी, वे अब तक निर्धारित सीटें से अतिरिक्त होंगी। इसी उद्देश्य से कानून में संशोधन के लिए ही विशेष सत्र बुलाया गया है। हमारी सरकार का मकसद स्पष्ट है, महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान पूरी तरह स्पष्ट और मजबूत हों। ताकि किसी भी राज्य को नुकसान न हो और 2029 में कानून निर्माण में महिलाओं की बड़ी हुई संख्या सहभागिता करे। वहीं विपक्ष द्वारा उठाए सत्र की टाइमिंग को लेकर कहा, भारतीय संस्कृति में शुभ कार्य में देरी नहीं करने को उचित माना गया है। ऐसे में कोई अच्छा कार्य हो रहा है, महिला सशक्तिकरण के लिए तो उसमें रोकटोक नहीं करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष दलगत राजनीति से ऊपर उठाते हुए मातृशक्ति के कल्याण के साथ विशेष सत्र में शामिल होगा।


No Previous Comments found.