केदारनाथ यात्रा पर सख्त फोकस: 20 अप्रैल तक सभी तैयारियां पूरी करें – गणेश जोशी

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Lucknow, 11 Apr, 2026 09:35 PM
केदारनाथ यात्रा पर सख्त फोकस: 20 अप्रैल तक सभी तैयारियां पूरी करें – गणेश जोशी

रुद्रप्रयाग।

प्रदेश के कृषि एवं रुद्रप्रयाग जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं 20 अप्रैल तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं, लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।


शुक्रवार को रुद्रप्रयाग जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा के तहत 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही केदारनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।


मंत्री गणेश जोशी ने यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। नरकोटा, जवाड़ी बाईपास, तिलवाड़ा, गंगानगर, चंद्रापुरी, सौड़ी, बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी, गंगाधाम, खुमेरा, देवीदार, व्योगाड़, डोलियादेवी, तरसाली, रामपुर और मुनकटिया सहित कई क्षेत्रों में सड़क कार्यों की जानकारी ली गई।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पैचवर्क, डामरीकरण, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और साइनेज जैसे कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मंत्री ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रैन शेल्टर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और इमरजेंसी सुविधाओं की समीक्षा की। घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए पंजीकरण, बीमा और पशु चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति भी जानी गई।


स्वास्थ्य विभाग ने केदारनाथ अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती तथा एक्स-रे, ईसीजी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी दी।


प्रभारी मंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश देते हुए शौचालयों की उपलब्धता, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण मित्रों की तैनाती पर जोर दिया। महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल, चेंजिंग रूम और जल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। गंदगी फैलाने वालों पर चालान की कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।


बैठक में पार्किंग, पेयजल, बिजली, सोलर लाइट, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, होटल किराया नियंत्रण और एलपीजी आपूर्ति जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। संवेदनशील क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए।


गणेश जोशी ने बताया कि इस वर्ष केदारनाथ धाम यात्रा के लिए 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों, प्रशासन और पुलिस को ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से यात्रियों के साथ व्यवहार करने को कहा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर लौटें।


उन्होंने होटल संचालकों, घोड़ा-खच्चर संचालकों और ढाबा संचालकों से निर्धारित दरों पर सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की। साथ ही कहा कि यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा इंफ्रास्ट्रक्चर दीर्घकाल तक उपयोगी रहे, इस दृष्टि से कार्य किए जाएं।


नीहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 2 सुपर जोन और 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 8 और फायर सर्विस की 7 टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड भी सक्रिय रहेंगे।


बैठक में विधायक आशा नौटियाल, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, सीएमओ डॉ. राम प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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