उत्तराखंड में सभी आपातकालीन सेवाएं होंगी 112 से एकीकृत, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित ट्रॉमा उपचार
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए निर्देश, एम्बुलेंसों में GPS और AIS-125 मानकों का अनुपालन होगा अनिवार्य
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Jul, 2026 07:03 PMदेहरादून। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत करने जा रही है। इस दिशा में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक कर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य की सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को तकनीकी और परिचालन स्तर पर एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन 112 से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी की जाए और इसके बारे में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी हेल्पलाइन के एकीकरण के बाद नागरिकों को केवल 112 पर कॉल करके पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं तत्काल उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने इसके लिए बिना मानवीय हस्तक्षेप वाली स्वचालित (ऑटोमैटिक) प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत के अनुसार संबंधित सेवा तुरंत सक्रिय हो सके।
बैठक में गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य स्तर पर डीजी हेल्थ को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। साथ ही इस संबंध में नियमित मासिक बैठकें आयोजित कर उनका कार्यवृत्त निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
उन्होंने सभी सार्वजनिक और निजी एम्बुलेंसों में AIS-125 मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ GPS और वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाने के निर्देश भी दिए। इन एम्बुलेंसों की निगरानी के लिए उन्हें हेल्पलाइन 112 से रियल-टाइम इंटीग्रेट करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने राज्य में ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित करने के लिए परिवहन विभाग को नोडल विभाग नामित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री विकसित कर सभी सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों को इससे जोड़ा जाए तथा इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी एकीकृत किया जाए।
बैठक में पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना के शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता और राहत मिल सके।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड सरकार का मानना है कि इन व्यवस्थाओं के लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने में तेजी आएगी और आपातकालीन सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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