उत्तराखंड : गेहूं खरीद लक्ष्य 10 हजार से बढ़कर 5 लाख कुंतल
राज्य सरकार की मांग पर केंद्र ने लिया बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगा MSP का लाभ
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 16 Apr, 2026 10:47 PMदेहरादून। आयुक्त एवं सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने कहा कि गेहूं खरीद लक्ष्य में की गई ऐतिहासिक बढ़ोतरी प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत है। इससे अधिक से अधिक कृषकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
भारत सरकार ने उत्तराखंड के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 5 लाख कुंतल कर दिया है। इससे पहले राज्य के लिए केवल 10 हजार कुंतल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिससे किसानों में असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। राज्य सरकार द्वारा इस विषय को गंभीरता से उठाने और किसानों के हित में प्रभावी पैरवी करने के बाद केंद्र सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया।
आनंद स्वरूप ने कहा कि इस फैसले से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और विपणन व्यवस्था में संतुलन स्थापित होगा।
168 सरकारी खरीद केंद्र संचालित
उन्होंने बताया कि रबी विपणन सत्र 2026-27 का शुभारंभ 1 अप्रैल से हो चुका है। इस वर्ष गेहूं खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए गढ़वाल मंडल में 45 और कुमाऊं मंडल में 123 सहित कुल 168 राजकीय खरीद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
2585 रुपये प्रति कुंतल MSP
भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया है। इससे किसानों में अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेचने को लेकर उत्साह बढ़ा है।
आनंद स्वरूप ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समयबद्ध तरीके से मिले और खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की असुविधा न हो।
1597 किसानों ने कराया पंजीकरण
उन्होंने बताया कि अब तक स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर 1597 किसानों ने पंजीकरण कराया है और 5852 कुंतल गेहूं की खरीद हो चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि किसानों का भरोसा सरकारी खरीद व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है।
पारदर्शी व्यवस्था से सीधे मिलेगा भुगतान
सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान की व्यवस्था की है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो रही है और किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज निकटतम सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचें और MSP का अधिकतम लाभ उठाएं। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।


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