संस्कृत विद्यालयों में विज्ञान-गणित से खुलेंगे JEE–NEET के रास्ते: दीपक कुमार गैरोला
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 7 Feb, 2026 11:13 PMदेहरादून | 07 फरवरी 2026 : संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने आज श्री नेपाली संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय का निरीक्षण किया। प्रातः 9:30 बजे सचिव विद्यालय की प्रार्थना सभा में पहुंचे, जहां प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश पूर्वाल, प्रबंधक ललित डंग, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष कपिल चौपड़ा सहित समस्त अध्यापकों द्वारा उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए संस्कृत शिक्षा सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार की पहल पर अब संस्कृत विद्यालयों में पूर्व मध्यमा स्तर से विज्ञान एवं गणित विषयों का अध्ययन प्रारंभ कराया गया है। इससे उत्तर मध्यमा (कक्षा 12) के संस्कृत विद्यार्थी इंजीनियरिंग के लिए JEE तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सम्मिलित हो सकेंगे। यह पहल संस्कृत विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली है।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा प्रोत्साहित मंत्र चिकित्सा के क्षेत्र में आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत धर्मग्रंथों में वर्णित मंत्रों का रोगियों पर वैज्ञानिक अध्ययन एवं शोध कर उसे प्रमाणित किया जाए, ताकि विश्व स्तर पर भारतीय मंत्र विज्ञान की प्रतिष्ठा स्थापित हो सके।
संस्कृत शास्त्रों में निहित प्रज्ञा चक्षु विद्या का उल्लेख करते हुए सचिव ने इसे विद्यार्थियों के माध्यम से जन-जन तक प्रसारित करने की सलाह प्रबंधन एवं प्रधानाचार्य को दी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए द्विभाषी नाम पट्टिका योजना, गार्गी छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग तथा संस्कृत ग्राम योजना के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने प्रबंधन एवं शिक्षकों से आग्रह किया कि आसपास की मलिन बस्तियों में शिविर आयोजित कर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करें तथा उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रवृत्ति योजना की जानकारी दें।
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि प्रतिदिन कक्षाएं समाप्त होने के उपरांत संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा का व्यवहारिक प्रयोग सुदृढ़ हो सके।
संस्कृत शिक्षा सचिव ने छात्रों को संस्कृत के साथ-साथ किसी एक विदेशी भाषा के अध्ययन के लिए भी प्रेरित किया, ताकि संस्कृत शास्त्रों के गूढ़ ज्ञान का अनुवाद कर उसे वैश्विक समुदाय तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग संस्कृत शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय की प्रार्थना सभा में संचालित गतिविधियों की सराहना की और सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में अनुसूया प्रसाद सुन्दरियाल, शांति प्रसाद डंगवाल, विजेंद्र मौर्य, कामेश्वर लसियाल, विपिन बहुगुणा, सुभाष चंद्र डोभाल, हर्षपति धस्माना, पूनम खरोला, प्रियंका सेमवाल, सुभाष प्रसाद नौटियाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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