सीएम धामी के प्रयासों से रूस में 97 दिन से फंसे उत्तराखंड के दो भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी
पिथौरागढ़ के आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की सकुशल घर लौटे, मुख्यमंत्री ने फोन पर जानी कुशलक्षेम; रोजगार के नाम पर रूस भेजे जाने का परिजनों ने लगाया आरोप
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 11 Aug, 2026 10:18 PMदेहरादून/पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के बाद रूस में करीब 97 दिनों से फंसे पिथौरागढ़ निवासी दो भाई आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। दोनों की सकुशल वापसी के बाद मुख्यमंत्री ने फोन पर उनसे बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम जानी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
लंबे इंतजार के बाद दोनों बेटों के सुरक्षित घर लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। परिवार ने मुख्यमंत्री धामी के संवेदनशील हस्तक्षेप और राज्य सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के लिए आभार जताया।
रोजगार के नाम पर रूस भेजे जाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, दोनों भाइयों को सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा दिया गया था। परिवार का आरोप है कि रोजगार के नाम पर उनसे करीब 8 लाख रुपये लिए गए, जिसके बाद दोनों को रूस भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, दोनों भाई 5 मई 2026 को भारत से रवाना हुए थे और 6 मई को मॉस्को पहुंचे। परिजनों का कहना है कि रूस पहुंचने के बाद उन्हें उस काम में नहीं लगाया गया, जिसके लिए उन्हें भेजा गया था। इसके बजाय उनकी इच्छा के विपरीत अन्य कार्य कराए गए और कथित तौर पर उसका पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया।
आवाजाही पर रोक और धमकाने का भी आरोप
परिवार के मुताबिक, दोनों युवकों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी। काम करने से इनकार करने पर उन्हें कथित तौर पर धमकाया जाता था। लंबे समय तक दोनों से नियमित संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजनों की चिंता बढ़ती गई।
परिजनों के अनुसार, अंतिम संपर्क के दौरान दोनों युवकों ने जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी भी दी थी। इसके बाद परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर और अधिक चिंतित हो गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से समन्वय
मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया। दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित स्तरों पर प्रयास तेज किए गए।
निरंतर प्रयासों के बाद दोनों भाइयों की भारत वापसी सुनिश्चित हुई और करीब 97 दिनों के लंबे इंतजार के बाद वे अपने घर पहुंच सके।
‘दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में होगा उत्तराखंड का नागरिक तो सरकार साथ खड़ी रहेगी’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड का कोई भी नागरिक दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में होगा तो राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता सुनिश्चित करती है।
काशी सिंह ऐरी और रामदेव वर्मा ने भी किया सहयोग
दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी और समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर समन्वय में सहयोग किया।
दोनों भाइयों की सकुशल घर वापसी के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, राज्य सरकार के अधिकारियों और इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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