चारधाम यात्रा तैयारियों से संतुष्ट गृह मंत्रालय
सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए केंद्र ने दिए जरूरी निर्देश, राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 16 Apr, 2026 10:12 PMदेहरादून। गृह मंत्रालय के अपर सचिव अनुज शर्मा ने कहा कि चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं मजबूत की जाएं। केंद्र सरकार उत्तराखंड के साथ पूरी तरह खड़ी है और यात्रा के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
गुरुवार को चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों की समीक्षा बैठक में गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। बैठक में आपदा प्रबंधन, सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और हेली सेवाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में निर्देश दिए गए कि किसी आपदा या आकस्मिक स्थिति में यदि यात्रा अस्थायी रूप से रोकनी पड़े तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए पर्याप्त होल्डिंग एरिया उपलब्ध हों। यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।
हेली सेवाओं पर विशेष जोर
गृह मंत्रालय ने कहा कि घाटी क्षेत्रों में उड़ान का पर्याप्त अनुभव रखने वाले पायलटों को ही हेली सेवाओं में लगाया जाए। पायलट स्थानीय भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों से परिचित हों। साथ ही एसओपी का सख्ती से पालन, तय समय पर उड़ान संचालन, एटीसी की सक्रियता और मौसम की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।
क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा पर फोकस
बैठक में एसडीआरएफ में मैनपावर बढ़ाने और यात्रा अवधि में होमगार्ड्स की संख्या बढ़ाने के सुझाव दिए गए। सभी धामों की कैरिंग कैपेसिटी का ध्यान रखने, माइक्रो लेवल पर रिस्क असेसमेंट करने और संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। यात्रियों तक समयबद्ध अलर्ट पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
राज्य सरकार ने बताई तैयारियां
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन और एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने बताया कि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए तीन स्तरीय एडाप्टिव ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है। पार्किंग और होल्डिंग एरिया विकसित किए गए हैं। सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों के जरिए सतत निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर 12,500 वाहन क्षमता वाले 127 पार्किंग स्थल, 12,000 वाहन क्षमता वाले 47 हॉल्टिंग एरिया बनाए गए हैं। 21 स्थानों पर 36 एएनपीआर कैमरे, 1290 सीसीटीवी कैमरे और 27 पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य और आपात सेवाएं मजबूत
यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए 57 स्क्रीनिंग कियोस्क लगाए गए हैं। ट्रेक मार्गों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर 177 एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत एटीएस, बीडीएस और क्यूआरटी टीमों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी और 24 घंटे सीसीटीवी सर्विलांस किया जा रहा है।
बैठक में जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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