तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी पुरस्कार से सम्मानित हुईं 48 महिलाएं, CM धामी ने बढ़ाई सम्मान राशि

तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की घोषणा

YUGVARTA NEWS

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Lucknow, 8 Aug, 2026 10:05 PM
तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी पुरस्कार से सम्मानित हुईं 48 महिलाएं, CM धामी ने बढ़ाई सम्मान राशि

देहरादून। तीलू रौतेली जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की मातृशक्ति को सम्मानित करते हुए 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान से जुड़ा गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भी भूमि रही है और तीलू रौतेली का नाम सदैव गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा।

तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि अब 75 हजार रुपये

मुख्यमंत्री ने समारोह में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि बढ़ाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पुरस्कार की राशि 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी। अब इसे 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।

इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा कि पुरस्कार राशि में यह वृद्धि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।

मातृशक्ति के सशक्तीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम और महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कार निर्माण में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।

बेटियों के जन्म से स्वरोजगार तक सरकार साथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बहनें और बेटियां जब सशक्त होंगी, तभी प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प पूरा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने सम्मानित महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

ये रहे मौजूद

समारोह में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता


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