उत्तराखंड : मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बना कार्लीगढ़ पुनर्वास, 15 दिनों में मलबा हटाने का लक्ष्य
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 5 Jun, 2026 10:54 PMदेहरादून, 5 जून। सहस्त्रधारा स्थित आपदाग्रस्त कार्लीगढ़ क्षेत्र में राहत, पुनर्वास और संरक्षण कार्यों को उत्तराखंड सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, मलबा निष्पादन और जोखिम न्यूनीकरण के लिए मशीनरी, मैनपॉवर तथा अन्य संसाधनों में व्यापक वृद्धि की गई है।
राज्य सरकार के अनुसार कार्लीगढ़ में प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास और क्षेत्र को भविष्य के संभावित खतरों से सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रशासन लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
हाल ही में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के साथ कार्लीगढ़ का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास और मलबा हटाने के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान आपदा के कारण क्षेत्र में जमा भारी मात्रा में मलबे को हटाने की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्लीगढ़ क्षेत्र में जमा समस्त मलबा आगामी 15 दिनों के भीतर हटाया जाए। साथ ही भविष्य में संभावित क्षति को रोकने के लिए मलबे का वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइजेशन किया जाए। प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं स्थायी पुनर्वास के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में निवास कर रहे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे भविष्य में संभावित आपदाओं से जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को कम किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पुनर्वास कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए खनन विभाग ने दो अतिरिक्त पोकलेन और जेसीबी मशीनें तैनात की हैं, जबकि डंपरों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है। वहीं सिंचाई विभाग ने नदी चैनलाइजेशन कार्यों के लिए दो अतिरिक्त पोकलेन मशीनें लगाई हैं। इससे मलबा हटाने और नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने के कार्यों में तेजी आई है।
जिला प्रशासन ने बताया कि कार्लीगढ़ क्षेत्र में पहले से ही दो पोकलेन मशीनें, जेसीबी और डंपर राहत कार्यों में लगाए गए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संसाधनों और मानवबल में और वृद्धि करते हुए मलबा हटाने तथा नदी चैनलाइजेशन के कार्यों को और अधिक गति दी गई है।
प्रशासन का दावा है कि राहत, पुनर्वास और संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
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