‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’: 13 जनपद, 686 कैंप, 5.37 लाख से अधिक सहभागिता—जनसेवा का नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम ने रचा ऐतिहासिक जनसंपर्क और जनसेवा का कीर्तिमान

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 21 Feb, 2026 11:58 PM
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’: 13 जनपद, 686 कैंप, 5.37 लाख से अधिक सहभागिता—जनसेवा का नया कीर्तिमान

Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी एवं जनोन्मुखी नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम प्रदेशभर में अभूतपूर्व सफलता के साथ संचालित रहा है। यह कार्यक्रम न केवल शासन को जनता के द्वार तक पहुँचाने में सफल रहा है, बल्कि पारदर्शिता, त्वरित समाधान और सुशासन का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।


21 फरवरी 2026 तक प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, प्रदेश के सभी 13 जनपदों में कुल 686 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। आज एक ही दिन में 5 कैंपों का सफल आयोजन किया गया। इन कैंपों में अब तक 5,37,476 नागरिकों ने सहभागिता की है, जबकि आज के दिन 4,024 लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया।


कार्यक्रम के अंतर्गत जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष बल दिया गया है। अब तक कैंपों में कुल 51,317 शिकायत पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 33,990 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा चुका है। आज प्राप्त 284 शिकायतों में से 235 का निस्तारण उसी दिन सुनिश्चित किया गया, जो प्रशासन की तत्परता और जवाबदेही को दर्शाता है।


जनसेवा के दायरे को और व्यापक बनाते हुए विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों का वितरण, नवीनीकरण एवं आवेदन की प्रक्रिया भी कैंप स्थल पर ही संपन्न की जा रही है। अब तक 74,656 प्रमाण पत्रों/आवेदनों से संबंधित कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है, जबकि आज 472 प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्य संपन्न हुआ।


इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 2,96,908 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया है। आज के दिन ही 2,562 नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिला। ये आँकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि राज्य सरकार की योजनाएँ वास्तविक पात्रों तक प्रभावी रूप से पहुँच रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कैंप में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को सुदृढ़ कर रहा है तथा ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा को साकार रूप दे रहा है।


प्रदेश सरकार जनसेवा के इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुँच सके।


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2