‘हरित भारत’ से बनेगा विकसित भारत: भूपेंद्र यादव

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Lucknow, 21 May, 2026 08:55 PM
‘हरित भारत’ से बनेगा विकसित भारत: भूपेंद्र यादव

देहरादून/नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारतीय वन सेवा (IFS) के मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ का मार्ग ‘हरित भारत’ से होकर गुजरता है। उन्होंने वन अधिकारियों को “मूक वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की आवाज” बताते हुए पर्यावरण संरक्षण में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।


नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा के अधिकारी, जो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में चल रहे मिड-करियर प्रशिक्षण (MCT) कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, शामिल हुए। यह कार्यक्रम लाइन मिनिस्ट्री मॉड्यूल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसके तहत अधिकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अध्ययन दौरे पर हैं।


कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


अपने संबोधन में भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन अधिकारियों की जिम्मेदारी सेवा निवृत्ति के बाद भी समाप्त नहीं होती, क्योंकि वे हमेशा प्रकृति, वनस्पतियों और वन्यजीवों की आवाज बने रहते हैं। उन्होंने बताया कि भारत जून के पहले सप्ताह में पहली बार इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें दुनिया के लगभग 95 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी होने की संभावना है।


संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान मंत्री ने वन, वन्यजीव संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने चीता संरक्षण, कृत्रिम ऊष्मायन के जरिए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण, नदी तंत्र को बनाए रखने में बाघ अभयारण्यों की भूमिका और विकास व संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।


भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के शमन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने वन एवं वन्यजीव प्रबंधन प्रणालियों में सुधार और पर्यावरणीय प्रबंधन में उन्नत तकनीकों के बढ़ते उपयोग का भी उल्लेख किया।


इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने वैश्विक संरक्षण कूटनीति में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करते हुए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव एस.के. अवस्थी तथा भारती सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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