चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मदन कौशिक
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 10 Apr, 2026 06:36 PMदेहरादून।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षित व सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को चारधाम यात्रा को आपदा सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से गढ़वाल मंडल के सभी सात जनपदों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। 50 विभिन्न स्थलों पर एक साथ आयोजित इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, वायुसेना, अर्द्धसैनिक बल, स्वास्थ्य, अग्निशमन, परिवहन, लोक निर्माण, विद्युत और दूरसंचार विभाग सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया।
मंत्री मदन कौशिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण करते हुए वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों के इंसीडेंट कमांडरों और मैदानी टीमों से संवाद कर समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली में व्यापक सुधार हुआ है और अब पूर्व चेतावनी, राहत-बचाव संसाधनों व समन्वय तंत्र को और मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान और अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में सभी विभागों को मिलकर प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से यात्रियों तक समय पर अलर्ट पहुंचाने और संवेदनशील क्षेत्रों में अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए।
राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखने पर जोर दिया।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने कहा कि एनडीएमए के सहयोग से हर वर्ष आयोजित मॉक ड्रिल से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन होता है और कमियों को समय रहते दूर किया जाता है।
हेली सेवाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
एनडीएमए के लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर बहल के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने सहस्त्रधारा हेलीपैड, सपेरा बस्ती और कोरोनेशन अस्पताल का निरीक्षण कर हवाई राहत, बाढ़ बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की। टीम ने आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान रुद्रप्रयाग में हेलीपैड आपात स्थिति, चमोली में हिमस्खलन, उत्तरकाशी में ग्लेशियल झील फटने, देहरादून में आगजनी, पौड़ी में भूकंप और टिहरी में जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों पर अभ्यास किया गया। सभी जिलों में राहत-बचाव, निकासी और समन्वय तंत्र की प्रभावशीलता को परखा गया।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सभी कमियों को दूर कर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।


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