आपदा प्रबंधन में उत्तराखंड बनेगा मॉडल राज्य: मदन कौशिक
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Apr, 2026 05:59 PMदेहरादून। प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग और जमीनी स्तर तक व्यवस्थाओं को मजबूत करना आवश्यक है।
विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, दौरान और बाद में किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए विश्व के उन देशों की तर्ज पर कार्य किया जाए, जो लगातार आपदाओं का सामना करते हुए प्रभावी तंत्र विकसित कर चुके हैं।
मंत्री ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो और आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे समय रहते आपदा की सूचना उच्च स्तर तक पहुंचा सकें।
उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर “आपदा मित्र” और “आपदा सखी” का गठन किया जाए, जिन्हें राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देने के साथ जरूरी उपकरण और प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाए। इससे आपदा के समय स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
मंत्री ने आपदाओं के पूर्वानुमान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस दिशा में बेहतर कार्य कर नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। उन्होंने संवेदनशील झीलों के ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थलों के उपचार को प्राथमिकता देने की बात कही।
मंत्री ने जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठकों के लिए रोस्टर तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं भी इन बैठकों में शामिल होंगे।
बैठक में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


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