दिव्य कला मेला देहरादून संपन्न, दिव्यांग उद्यमियों ने दर्ज की ₹50 लाख की ऐतिहासिक बिक्री
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Mar, 2026 11:43 PMDehradun : रविवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित “दिव्य कला मेला” का समापन समारोह Dehradun में सम्पन्न हुआ। यह मेला 21 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें देश के 16 से अधिक राज्यों से आए दिव्यांगजन उद्यमियों एवं कलाकारों ने सक्रिय सहभागिता की।
यह आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित किया गया। मेले का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन उद्यमियों को विपणन मंच उपलब्ध कराना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना, कौशल उन्नयन को प्रोत्साहित करना तथा सामाजिक समावेशन को सुदृढ़ करना रहा।
दिव्य कला मेला के समापन समारोह में उत्तराखंड सरकार के वन मंत्री Subodh Uniyal मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विधायक Khajan Das, सचिव संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड सरकार दीपक गैरोला, आयुक्त दिव्यांगजन सशक्तिकरण उत्तराखंड प्रकाश चंद्र तथा निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार प्रदीप ए उपस्थित रहे।
दिव्य कला मेला में 16 से अधिक राज्यों के दिव्यांगजन उद्यमियों द्वारा विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। मेले में हस्तशिल्प, जूट एवं बांस उत्पाद, वुडक्राफ्ट, वस्त्र एवं टेक्सटाइल, पेंटिंग, ऑर्गेनिक उत्पाद, पैकेज्ड खाद्य सामग्री सहित विविध उत्पाद श्रेणियाँ शामिल रहीं।
मेले के दौरान लगभग ₹50 लाख की बिक्री दर्ज की गई, जो दिव्यांगजन उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
23 से 25 फरवरी 2026 के मध्य निरंतर पुनर्वास शिक्षा (CRE) कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लेकर पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
23 फरवरी 2026 को आयोजित जागरूकता सत्र में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPWD Act) के अंतर्गत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं एवं संबंधित अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें लगभग 120 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
26 फरवरी 2026 को आयोजित रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की 06 कंपनियों की सहभागिता रही, जिसमें 150 दिव्यांगजन अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लिया। इनमें से 65 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया तथा 12 अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर प्रदान किए गए।
26–27 फरवरी 2026 को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 200 से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।
28 फरवरी 2026 को निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में लगभग 150 लाभार्थियों को नेत्र परीक्षण एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान की गईं।
मेले के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिससे सामाजिक समावेशन एवं जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित हुआ।
समापन समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने इस आयोजन को समावेशी विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल बताते हुए कहा कि दिव्यांगजन उद्यमियों को उचित मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किए जाने से वे आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
समापन अवसर पर दिव्य कला शक्ति कार्यक्रम में 50 से अधिक दिव्यांग कलाकारों ने अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
“दिव्य कला मेला – देहरादून” ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन एवं सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर विस्तार दिए जाने का संकल्प व्यक्त किया गया।


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