डबल स्टैंडर्ड' पर चमोली का कांग्रेस पर हमला
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 13 Jul, 2026 11:07 PMदेहरादून, 13 जुलाई 2026 देहरादून में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा विधायक विनोद चमोली ने मंदिरों में पूजा-अर्चना करने वाले कर्मकांडी ब्राह्मणों और पुजारियों को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना के आधार पर पूरे पुजारी समाज पर संदेह करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, इस तरह का नजरिया न केवल कर्मकांडी ब्राह्मणों के प्रति अनास्था पैदा करता है, बल्कि सनातन परंपरा में लोगों के विश्वास को भी प्रभावित करता है। चमोली ने कहा, "मेरा भी ऐसा मानना है जितने भी कर्मकांडी ब्राह्मण हैं और जो पुजारी हैं जो मठों में, मंदिरों में पूजा का काम करते हैं, उनका दान के आधार पर जीवन चलता है। क्योंकि जो भी जजमान होते हैं या जो लोग भी वहाँ पूजा कराने आते हैं या उनसे पूजा करवाते हैं, वो लोग उनको दक्षिणा के रूप में जो भी धनराशि देते हैं उस पर उनका जीवन चलता है। अगर उनके प्रति हम अनास्था रखेंगे तो कहीं न कहीं सनातन के प्रति हमारी अनास्था हो जाएगी। तो हमको भी इस बात को स्वीकारना चाहिए कि अगर कोई घटना कहीं घटित हुई भी है तो बहुत बड़ा समाज है, बहुत बड़ा तंत्र है जो इस कर्मकांड से जुड़ा हुआ है और अगर एक-दो के द्वारा कोई गलती होती भी है तो उसको पूरे समाज से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।" उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के बयान को उनके अनुभव पर आधारित बताते हुए कहा कि इसे सही संदर्भ में स्वीकार किया जाना चाहिए। गणेश गोदियाल की टिप्पणी का जवाब देते हुए चमोली ने कहा, "उन्होंने मुझे नसीहत देने का प्रयास किया है। जिसमें गोदियाल द्वारा कहा गया कि अगर बेटा गलती करता है तो क्या बाप पकड़ा जाएगा? उन्होंने कहा, यही सवाल मेरा कांग्रेस से था और लगता है वो सही बात समझ पाए हैं।" उन्होंने कहा कि अयोध्या और बद्रीनाथ धाम में चोरी की घटनाओं की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंदिर समिति को सीधे जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनका कहना था कि यदि किसी आरोपी के कृत्य के लिए उससे जुड़े हर व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता, तो यही सिद्धांत सभी मामलों में समान रूप से लागू होना चाहिए। चमोली ने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर एक समान मानदंड अपनाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि गणेश गोदियाल स्वयं को किसी आरोपी के कृत्य के लिए जिम्मेदार नहीं मानते हैं, तो राम मंदिर या बद्रीनाथ धाम की चोरी की घटनाओं के लिए भी सरकार, मुख्यमंत्री या मंदिर समिति को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करने का पैमाना सभी के लिए समान होना चाहिए और राजनीतिक दृष्टिकोण के आधार पर उसे बदला नहीं जाना चाहिए।



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