नारी शक्ति वंदन कानून महिलाओं के सशक्तिकरण की गारंटी: भाजपा
महेंद्र भट्ट, कल्पना सैनी और माला राज्यलक्ष्मी शाह ने विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 16 Apr, 2026 11:12 PMदेहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति एनडीए सरकार की गारंटी है। यह कानून देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण में भागीदारी देने वाला ऐतिहासिक कदम है, जिसे अब कोई नहीं रोक सकता।
गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में हुई चर्चा के बाद भाजपा नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। महेंद्र भट्ट ने कहा कि महिला अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले विपक्षी नेताओं की पोल सदन में खुल गई है। यदि विपक्ष वास्तव में महिला आरक्षण के पक्ष में है तो फिर इस कानून पर किंतु-परंतु क्यों लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को पूर्ववर्ती सरकारें दशकों तक इच्छाशक्ति की कमी के कारण पूरा नहीं कर सकीं, उन्हें भाजपा सरकार ने धरातल पर उतार दिया। उन्होंने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सर्वसम्मति से बिल का समर्थन करने की अपील की।
देश की आधी आबादी को मिलेगा अधिकार
भाजपा राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी भाग्यशाली है, जो वह बदलाव देख रही है जो आजादी के 70 वर्षों में भी नहीं हो सका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को संवैधानिक निर्णय प्रक्रिया में पूरी भागीदारी मिलने जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं की सफलता के बाद अब लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत भागीदारी भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इससे महिला सशक्तिकरण की रफ्तार और तेज होगी।
महिला अधिकारों में दुनिया से आगे बढ़ेगा भारत
टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने महिला आरक्षण विधेयक को मातृ शक्ति सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम के साथ भारत महिला अधिकारों के मामले में कई विकसित देशों से भी आगे निकल जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल सीटों का आरक्षण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णयात्मक भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प है। भाजपा सरकार ने साबित किया है कि नारी शक्ति उसके लिए केवल नारा नहीं, बल्कि प्राथमिकता है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सदन को सभी मतभेद भुलाकर महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए एकजुट होकर निर्णय लेना चाहिए।


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