दिव्य कला मेला: आत्मनिर्भर भारत की प्रेरक शक्ति बने दिव्यांगजन

“भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में दिव्यांगजन होंगे निर्णायक शक्ति” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह

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Lucknow, 22 Feb, 2026 06:31 PM
दिव्य कला मेला: आत्मनिर्भर भारत की प्रेरक शक्ति बने दिव्यांगजन

Dehradun : रविवार को देहरादून के रेंजर्स मैदान में 30वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा और उत्साह का सशक्त मंच है, जो भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में दिव्यांगजनों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित रचनात्मकता आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति है।


राज्यपाल ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों का सेतु बताते हुए कहा कि तकनीक किसी में भेदभाव नहीं करती। उन्होंने मेले में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि दिव्य प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके।


कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 और विभिन्न योजनाओं ने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का मजबूत आधार तैयार किया है। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष के बजट में Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए 375 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


कार्यक्रम में सांसद, टिहरी, माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि दिव्य कला मेला जैसे आयोजन सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक माध्यम हैं। विधायक खजान दास ने इसे दिव्यांगजनों के सम्मान और अवसर का सशक्त उदाहरण बताया।


दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप ए. ने बताया कि यह मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का समग्र प्रयास है। अब तक देशभर में आयोजित 29 मेलों में 2362 प्रतिभागियों ने भाग लिया है और 23 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। सरकार द्वारा 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।


इस नौ दिवसीय दिव्य कला मेले में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर और उद्यमी भाग ले रहे हैं। यह मेला 21 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित होगा। प्रवेश निःशुल्क है। 26 फरवरी को विशेष रोजगार मेला और 1 मार्च को ‘दिव्य कला शक्ति’ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।


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