चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, अब तक 3 FIR दर्ज; सोशल मीडिया पर 24x7 निगरानी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 24 Apr, 2026 09:29 AMदेहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन लगातार ऐसे तत्वों पर नजर बनाए हुए है। अब तक इस मामले में कुल 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें हाल ही में रुद्रप्रयाग जनपद में 2 नई एफआईआर शामिल हैं।
केदारनाथ व्यवस्थाओं को लेकर फैलाए गए भ्रामक दावे
प्रशासन के अनुसार सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान कुछ वीडियो और रील्स चिन्हित किए गए, जिनमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक दावे किए गए। इनमें श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटाए जाने, 15-15 घंटे कतार में खड़े रहने के बाद भी दर्शन न होने, पुलिस व्यवस्था के अभाव, अव्यवस्था और धक्का-मुक्की जैसी बातें प्रसारित की गईं।
प्रशासन ने दावों को बताया निराधार
सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित, चरणबद्ध और नियमानुसार दर्शन कराए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे वीडियो के जरिए आमजन को भ्रमित करने, चारधाम यात्रा की छवि खराब करने और अनावश्यक भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाह, दुष्प्रचार या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24x7 निगरानी की जाए और ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।
संदिग्ध कंटेंट भी जांच के दायरे में
पुलिस प्रशासन ने बताया कि संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अन्य संदिग्ध वीडियो और डिजिटल कंटेंट की भी जांच की जा रही है, जिन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का स्पष्ट संदेश
राज्य सरकार ने साफ कहा है कि चारधाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्तराखंड की छवि के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


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