अक्टूबर तक तैयार होंगे डोईवाला, पाइनस और सोमेश्वर के बाबू जगजीवन राम छात्रावास, 9.80 लाख लाभार्थियों को ₹145.42 करोड़ पेंशन जारी: मुख्यमंत्री धामी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 7 Jul, 2026 07:16 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहें, बल्कि अगले 25 वर्षों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वे दीर्घकाल तक प्रभावी रहें और उत्तराखंड का मॉडल देश के लिए “बेस्ट प्रैक्टिस” के रूप में स्थापित हो।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि डोईवाला (देहरादून), पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का कार्य हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को शीघ्र बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
9.80 लाख लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से ₹145.42 करोड़ की पेंशन
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत जून 2026 की देय पेंशन राशि डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की। इस दौरान 9,80,950 लाभार्थियों को ₹145.42 करोड़ की पेंशन सीधे बैंक खातों में भेजी गई।
इस राशि में केंद्र सरकार का योगदान ₹7.02 करोड़ तथा राज्य सरकार का योगदान ₹138.40 करोड़ रहा।
किस योजना में कितनी राशि हुई जारी
जून 2026 के लिए जारी पेंशन राशि का विवरण इस प्रकार है—
- वृद्धावस्था पेंशन: 6,11,245 लाभार्थियों को ₹91.69 करोड़
- विधवा पेंशन: 2,35,850 लाभार्थियों को ₹35.38 करोड़
- दिव्यांग पेंशन: 88,787 लाभार्थियों को ₹13.32 करोड़
- किसान पेंशन: 27,207 लाभार्थियों को ₹3.26 करोड़
- परित्यक्ता पेंशन: 8,258 लाभार्थियों को ₹99.10 लाख
- भरण-पोषण अनुदान: 7,297 लाभार्थियों को ₹51.08 लाख
- तीलू रौतेली पेंशन: 2,179 लाभार्थियों को ₹26.15 लाख
- बौना पेंशन: 127 लाभार्थियों को ₹1.52 लाख
60 वर्ष पूरे होते ही स्वतः मिले वृद्धावस्था पेंशन
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र नागरिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे लोगों को अनावश्यक औपचारिकताओं और आवेदन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़े तथा समय पर पेंशन उपलब्ध हो सके।
उन्होंने योजनाओं के इंटीग्रेशन, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी विकास योजनाओं में वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए।
अक्टूबर तक पूरे होंगे छात्रावास निर्माण
बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई। यह योजना अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति छात्रावास निर्माण के लिए ₹3.25 करोड़ तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार अतिरिक्त टॉप-अप राशि देकर आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।
“भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनें योजनाएं”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके।
उन्होंने कहा, “सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है। उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।”
बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



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