आईआईटी रुड़की की बड़ी उपलब्धि, उन्नत लिथियम-आयन बैटरी तकनीक उद्योग को हस्तांतरित
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 22 May, 2026 06:44 PMरुड़की, 22 मई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने उन्नत लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दो प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम भारत के उन्नत ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। संस्थान द्वारा विकसित इन तकनीकों का व्यावसायीकरण और आगे विकास कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा।
आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अंजन सिल द्वारा विकसित इन अभिनव प्रौद्योगिकियों का उद्देश्य रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरियों के प्रदर्शन को अधिक प्रभावी बनाना है। हस्तांतरित तकनीकों में उच्च शक्ति एवं उच्च ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए नवीन इलेक्ट्रोड कॉम्पोजिट और उच्च-प्रदर्शन कॉम्पोजिट इलेक्ट्रोड शामिल हैं।
इन तकनीकों के जरिए बैटरियों की ऊर्जा घनत्व, चार्जिंग क्षमता, विद्युत-रासायनिक प्रदर्शन और समग्र दक्षता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे इलेक्ट्रिक वाहन, पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में कुशल एवं टिकाऊ ऊर्जा भंडारण समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
प्रोफेसर अंजन सिल ने कहा कि इन प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण प्रयोगशाला स्तर के अनुसंधान को औद्योगिक उपयोग में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसी उन्नत इलेक्ट्रोड सामग्रियों का विकास करना है, जो उच्च प्रदर्शन और विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की मांग को पूरा कर सकें।
कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हरि राज ने इस सहयोग को ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन तकनीकों में बैटरी प्रदर्शन सुधारने और तेजी से विकसित हो रहे ऊर्जा क्षेत्र को समर्थन देने की व्यापक क्षमता है।
आईआईटी रुड़की के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (एसआरआईसी) के अधिष्ठाता प्रोफेसर विवेक के. मलिक ने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण संस्थान के नवाचार तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अत्याधुनिक अनुसंधान को व्यावहारिक समाधान में बदलने के साथ औद्योगिक और राष्ट्रीय तकनीकी विकास को गति देता है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर कमल के. पंत ने कहा कि संस्थान प्रभावशाली अनुसंधान और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह समझौता उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहन देने की दिशा में संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बताया गया कि इन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों को संस्थान के एसआरआईसी के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ द्वारा सुगम बनाया गया, जिससे नवाचार, उद्यमिता और उद्योग सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।



No Previous Comments found.