हरिद्वार में शुरू हुई मखाना खेती, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 15 Apr, 2026 10:07 PMहरिद्वार। उत्तराखंड में कृषि विविधीकरण की दिशा में एक नई पहल करते हुए हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में मखाना की खेती का औपचारिक शुभारंभ किया गया। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गंगदासपुर बालावाली गांव पहुंचकर स्वयं मखाना रोपण किया और पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत कर किसानों को नई संभावनाओं का संदेश दिया।
यह परियोजना बिहार की एक संस्था द्वारा उत्तराखंड में पहली बार शुरू की गई है। मणिगाछी एफपीओ के माध्यम से लक्सर क्षेत्र में मखाना खेती का यह पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने संस्था के पदाधिकारियों को इस अभिनव प्रयास के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड से मिलेगा बढ़ावा
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2025 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया, जिससे उत्तराखंड सहित देश के 11 राज्यों में मखाना उद्योग को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक 476 करोड़ रुपये के बजट के साथ केंद्र पोषित योजना संचालित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अनुसंधान, गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, कौशल विकास, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
उत्तराखंड को मिले 50 लाख रुपये
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के अंतिम त्रैमास में उत्तराखंड को 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी (हरिद्वार), ढकरानी (देहरादून) और काशीपुर (उधमसिंहनगर) के सहयोग से किसानों को प्रशिक्षण, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही प्रदर्शन प्लॉट भी विकसित किए जा रहे हैं।
2026-27 के लिए बनी नई कार्ययोजना
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 143.16 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी है, जिसमें मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं शामिल की गई हैं।
औद्यानिकी प्रदेश बनाने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को औद्यानिकी प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में सेब की अति सघन बागवानी के तहत 230 हेक्टेयर क्षेत्र में 30 क्लस्टर विकसित किए गए हैं। इसके अलावा मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी अलग-अलग नीतियां लागू की गई हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में बागवानी निदेशक महेंद्र पाल, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, संस्था अध्यक्ष राजीव रंजन, डॉ. प्रेम कुमार, अजय पैनोली, अनुज प्रधान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


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