‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दूसरे चरण में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी, 20 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर निस्तारण

दो चरणों में कुल जनभागीदारी साढ़े 6 लाख के पार, 81 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

YUGVARTA NEWS

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Lucknow, 2 Aug, 2026 08:43 PM
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दूसरे चरण में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी, 20 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के महत्वाकांक्षी ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दूसरे चरण को प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत अब तक दूसरे चरण में 1 लाख 34 हजार 740 लोगों ने भागीदारी की है। इसके साथ ही पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अभियान में कुल जनभागीदारी साढ़े 6 लाख से अधिक हो गई है।

राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर-गांव के निकट ही उपलब्ध कराना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर रहे हैं।

198 शिविरों में 20 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान

चार जुलाई से शुरू हुए अभियान के दूसरे चरण के तहत अब तक 198 विशेष शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। मानसून के बावजूद इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

अभियान के दौरान 23,219 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 20,808 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं 81,753 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण सहित अनेक जनकल्याणकारी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही पात्र नागरिकों के विभिन्न प्रमाणपत्र भी मौके पर बनाकर दिए जा रहे हैं।

पहले चरण में भी मिला था व्यापक जनसमर्थन

इससे पहले दिसंबर में चलाए गए 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को भी प्रदेशभर में उल्लेखनीय सफलता मिली थी। पहले चरण के दौरान 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी की। अभियान के दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था। शासन के अनुसार इस पहल को सुशासन (गुड गवर्नेंस) की एक प्रभावी और अभिनव पहल के रूप में भी सराहा गया।

मुख्यमंत्री बोले- जनता के द्वार तक पहुंच रही सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत प्रशासन स्वयं गांव-गांव और लोगों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान कर रहा है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के संकल्प के साथ निरंतर जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी अभियान जारी रहेंगे।


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