सफलता पाना आसान, उसे बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती: डॉ. पंकज कुमार पांडेय
देहरादून के 31 स्कूलों के 306 मेधावी छात्र हुए सम्मानित, छठे टॉपर्स कॉन्क्लेव में शिक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण पर हुआ मंथन
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Aug, 2026 05:27 PMदेहरादून। उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय (आईएएस) ने कहा कि सफलता हासिल करना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक कठिन उस सफलता के शिखर पर लंबे समय तक बने रहना है। उन्होंने छात्रों से जीवनभर सीखते रहने, मौलिक सोच विकसित करने और अपने मित्रों व मूल्यों को कभी न छोड़ने का आह्वान किया।
डॉ. पांडेय आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, डीआईटी यूनिवर्सिटी और दिव्य हिमगिरि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठे टॉपर्स कॉन्क्लेव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक अभिभावक होने के नाते वह मेधावी विद्यार्थियों की सफलता के पीछे माता-पिता के गर्व और समर्पण को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की उपलब्धि में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूली परीक्षा में टॉप करना जीवन की शुरुआत भर है। आगे कई बड़े लक्ष्य हासिल करने हैं। उन्होंने कहा कि आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में वही व्यक्ति आगे बढ़ेगा, जिसके पास मौलिकता और रचनात्मक सोच होगी। तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन जीवनभर सीखते रहने की आदत ही वास्तविक सफलता की कुंजी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने मित्रों का साथ कभी न छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि स्कूली जीवन में बने सच्चे मित्र जीवनभर साथ रहते हैं और आज के समय में बढ़ते अकेलेपन के बीच यह रिश्ते सबसे बड़ी पूंजी हैं।
डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी. रघुराम ने कहा कि आज विद्यार्थियों के सामने शिक्षा और करियर के असीम अवसर हैं। अब यह मायने नहीं रखता कि आपने पढ़ाई कहां से की है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आपने क्या सीखा, कितनी गहराई से सीखा और उसे व्यवहार में कैसे उतारते हैं।
आईआईपी के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने की जिम्मेदारी आज के मेधावी छात्रों के कंधों पर है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों का केंद्र है। उन्होंने छात्रों से इन संस्थानों का भ्रमण कर विज्ञान और शोध के क्षेत्र में अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष तक देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी भी तैयार हो जाएगी।
कॉन्क्लेव के दौरान देहरादून के 31 प्रमुख स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 306 विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ सम्मान-पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 31 विद्यालयों को ‘बेस्ट स्कूल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप तथा दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुँवर राज अस्थाना ने स्वागत भाषण देते हुए टॉपर्स कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर चयनित 31 स्कूलों के परीक्षा परिणामों पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन यूकॉस्ट के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल ने दिया। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रबंधन प्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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