देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र: मुख्यमंत्री धामी

यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर के लिए भूमि देने की घोषणा, विज्ञान एवं नवाचार नीति पर विशेषज्ञों से किया संवाद

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Lucknow, 13 Jul, 2026 04:01 PM
देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून, 13 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निर्माणाधीन देहरादून साइंस सिटी आने वाले समय में केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विज्ञान आधारित नॉलेज इकॉनॉमी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है।



मुख्यमंत्री सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) परिसर में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद आयोजित विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) परिसंवाद को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।

युवाओं को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी में आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे युवाओं को शोध, नवाचार और तकनीकी विकास के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने ‘विज्ञान सेतु’ पहल के तहत सामुदायिक विज्ञान रेडियो ‘विज्ञान वाणी’ (88.8 मेगाहर्ट्ज), ‘विज्ञान दृश्यम’ और ‘विज्ञान धारा’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन माध्यमों से प्रयोगशालाओं का वैज्ञानिक ज्ञान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार हों युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे समय में उत्तराखंड के युवाओं को केवल नई तकनीकों को अपनाना ही नहीं, बल्कि उनका नेतृत्व भी करना होगा।

उन्होंने हरेला सप्ताह का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश देता है तथा जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच प्रकृति और विकास के संतुलन का प्रतीक है।

उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड कई क्षेत्रों में देश के लिए मॉडल बनकर उभर रहा है। सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के सफल रेस्क्यू अभियान को ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसी उपलब्धि की स्मृति में राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

विज्ञान और अनुसंधान से बनेगा विकसित भारत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प की आधारशिला विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के साथ ‘जय अनुसंधान’ जोड़कर वैज्ञानिक सोच को नई दिशा दी है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, नेशनल क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे कार्यक्रम भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) लागू की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।

स्थानीय समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान होगा विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हिमालय, जैव विविधता, औषधीय वनस्पतियां, जल स्रोत और जैविक कृषि राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि स्थानीय समस्याओं के स्थानीय और वैज्ञानिक समाधान विकसित किए जाएं तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए विकास का आदर्श मॉडल बन सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल गवर्नेंस, अनुसंधान, नवाचार और विज्ञान आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश को ‘साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनॉमी’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, स्टेम लैब और जीआईएस आधारित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और प्री-इन्क्यूबेशन लैब जैसी भविष्य की तकनीकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूकॉस्ट परिसर में पौधारोपण भी किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नितेश झा, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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