चारधाम हेली सेवा पर बड़ा अपडेट: सुरक्षा बढ़ेगी, उत्तराखंड में बनेंगे नए हेलीपोर्ट
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Jul, 2026 10:51 PMदेहरादून: उत्तराखंड में चारधाम हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और व्यापक बनाने की दिशा में राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने नई तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चारधाम हेली सेवाओं के प्रथम चरण की समीक्षा के साथ-साथ राज्य में विमानन अवसंरचना के विस्तार और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), उत्तराखंड शासन और यूकाडा (UCADA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा, एएआई के अध्यक्ष विपिन कुमार, संयुक्त सचिव असांगबा चुबा, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, प्रमुख सचिव सुधांशु सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पहले चरण का सफल संचालन, सितंबर से शुरू होगा दूसरा चरण
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 की चारधाम हेली सेवाओं का पहला चरण 19 अप्रैल से 26 जून तक सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अब सेवाओं का दूसरा चरण 15 सितंबर 2026 से शुरू किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दूसरे चरण के शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाए तथा आवश्यक अवसंरचनात्मक कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में बनेंगे नए हेलीपोर्ट
बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा ने उत्तराखंड के लिए विमानन विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। इसके तहत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत हो सके।
इसके अलावा लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित करने तथा राज्य में तीन नए एयरस्ट्रिपों की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने पर भी सहमति बनी।
हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा होगी और मजबूत
बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए अतिरिक्त Weather Observation Stations स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। इससे मौसम संबंधी पूर्वानुमान अधिक सटीक होंगे और उड़ानों की सुरक्षा में सुधार आएगा।
समीक्षा के दौरान राज्य सरकार और विभिन्न विमानन एजेंसियों द्वारा लागू सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन किया गया। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने परिचालन सुरक्षा, मौसम सूचना प्रणाली और यात्री सुविधाओं को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
संशोधित उड़ान योजना के तहत मिलेगा लाभ
बैठक में संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना का भी उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित किए जाने का लक्ष्य है, जिसका लाभ उत्तराखंड को भी मिलेगा।
अगस्त में होगी प्रगति की अगली समीक्षा
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए कि चारधाम हेली सेवाओं के अगले चरण से पहले सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं तथा केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए।
बैठक के अंत में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा ने सुझाव दिया कि अगस्त 2026 के मध्य विमानन क्षेत्र से जुड़ी सभी परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की फिर से व्यापक समीक्षा की जाए, ताकि सभी योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान ग्रुप कैप्टन अमित शर्मा (हेड ऑफ ऑपरेशंस, UCADA), जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के निदेशक बी.सी.एच. नेगी, मौसम विभाग के प्रतिनिधि सी.एस. तोमर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।



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