टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए: मुख्य सचिव

‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के तहत तैयार होगा व्यापक मास्टर प्लान, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रीन एरिया संरक्षण पर जोर

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Lucknow, 7 May, 2026 04:35 PM
टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए: मुख्य सचिव

देहरादून:
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” अवधारणा के तहत टिहरी झील रिंग रोड और आसपास के क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक और समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए।


सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ टिहरी झील क्षेत्र के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (TADA) इस परियोजना के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO) के रूप में कार्य करे और पूरे क्षेत्र के विकास के लिए समन्वित रणनीति तैयार की जाए।


एडवेंचर, वेलनेस और ईको टूरिज्म पर रहेगा फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रस्तावित योजना में टिहरी झील रिंग रोड, आइकोनिक ब्रिज, हरे-भरे पैदल मार्ग, ईको पार्क और प्राकृतिक व्यू पॉइंट्स को शामिल किया जाए। साथ ही एडवेंचर टूरिज्म के साथ वेलनेस सेंटर जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जाए, ताकि यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।


उन्होंने कहा कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है, लेकिन संपूर्ण मास्टर प्लान एक साथ तैयार किया जाना चाहिए।


कनेक्टिविटी और सौंदर्यीकरण पर जोर
मुख्य सचिव ने टिहरी तक एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के साथ नए रूट्स की संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया।


उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य साइट-विशिष्ट होना चाहिए और पूरे क्षेत्र में हरित क्षेत्र एवं प्राकृतिक सौंदर्य को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाए।


वॉटरड्रोम, सी-प्लेन और हेलीपोर्ट की योजना
बैठक में टिहरी परियोजना में वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट को शामिल करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आइकोनिक पुलों के डिजाइन में भविष्य की सी-प्लेन परियोजना को ध्यान में रखा जाए।


इसके अलावा डोबरा-चांटी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।


मुख्य सचिव ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़ी सभी संस्थाएं आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि टिहरी क्षेत्र को एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।


बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार, अभिषेक रोहिला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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