कारगिल विजय दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹2 करोड़ करने की घोषणा

शहीद परिवारों का किया सम्मान, बोले- उत्तराखंड के 75 वीर सपूतों का बलिदान देश के लिए सदैव प्रेरणा रहेगा

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 26 Jul, 2026 05:20 PM
कारगिल विजय दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹2 करोड़ करने की घोषणा

देहरादून। कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर कारगिल के अमर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया और घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर ₹2 करोड़ की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई और बेहद विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया और भारत की सैन्य शक्ति का परिचय दुनिया को कराया।


उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है और यहां की सैन्य परंपरा पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त और निर्णायक बनी है। वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विकास और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदम सैनिकों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी है। साथ ही वीरता पुरस्कार विजेताओं की सहायता राशि में वृद्धि, शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन अवधि दो से बढ़ाकर पांच वर्ष, पुत्री विवाह सहायता, राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा तथा संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं।


मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के ‘पांचवें धाम’ सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह धाम राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित हो रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति व बलिदान का प्रेरणा स्थल बनेगा।


उन्होंने कहा कि सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और अन्य सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता जैसी पहलें भी की जा रही हैं।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक 28 शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित कर चुकी है और सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, दायित्वधारी सुभाष बड़थ्वाल, सैनिक कल्याण सचिव युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (सेवानिवृत्त), जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल, पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक तथा शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।


— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता


#KargilVijayDiwas #PushkarSinghDhami #IndianArmy #ParamVirChakra #Uttarakhand #ShauryaDiwas #ExServicemen #Agniveer #MilitaryDham #Yugvarta

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2