धनगढ़ी सेतु क्षेत्र के विकास और सुरक्षित आवागमन की नई पहचान बनेगा : धामी

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Lucknow, 5 Jul, 2026 07:42 PM
धनगढ़ी सेतु क्षेत्र के विकास और सुरक्षित आवागमन की नई पहचान बनेगा : धामी

रामनगर, 05 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर धनगढ़ी नाले के ऊपर ₹29.65 करोड़ की लागत से निर्मित 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने इसे कुमाऊँ और गढ़वाल मंडलों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सेतु क्षेत्रीय विकास, सुरक्षित आवागमन और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर स्थित यह पुल काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग का हिस्सा है, जो कुमाऊँ और गढ़वाल को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। यह मार्ग विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और पौड़ी गढ़वाल सहित अनेक जनपदों के लिए महत्वपूर्ण यातायात एवं पर्यटन मार्ग है।

बरसात में बंद होने वाली सड़क की समस्या का स्थायी समाधान

धनगढ़ी नाले में मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने से यह मार्ग अक्सर बाधित हो जाता था, जिससे स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नव निर्मित धनगढ़ी सेतु के चालू होने से अब वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन संभव होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और अपेक्षाओं की सार्थक परिणति है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा कराया है।

पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच संपर्क को और मजबूत करेगा। इससे दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा, वहीं पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सेवा, सुशासन और विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। इसी सोच के अनुरूप सड़क, पुल, रेल नेटवर्क, रोपवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कार्यसंस्कृति “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” पर आधारित है और जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, उनका समयबद्ध निर्माण और लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाता है।

पनौद पुल भी जल्द होगा जनता को समर्पित

मुख्यमंत्री ने बताया कि धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग ₹18.43 करोड़ की लागत से निर्मित 175.60 मीटर लंबे पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में इस पुल पर यातायात संचालित हो रहा है तथा डामरीकरण का अंतिम कार्य पूरा होने के बाद इसे भी जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि धनगढ़ी सेतु और पनौद पुल पूरे क्षेत्र के संतुलित विकास, सुरक्षित आवागमन और जनकल्याण के मजबूत आधार बनेंगे।

वन खत्तों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में निवासरत परिवारों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं और इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रगति पर है।

केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा बोले— दुर्घटनाओं में आएगी कमी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी सेतु के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा। बरसात में मार्ग बंद होने की समस्या समाप्त होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। उन्होंने कहा कि इस पुल से व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी तथा चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

गर्जिया देवी मंदिर में की पूजा, सेतु का किया निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने नव निर्मित धनगढ़ी सेतु का पैदल निरीक्षण किया तथा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर पुल के समीप पहुंचे वन्यजीवों का भी अवलोकन किया।


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