‘उत्सव नहीं, आत्ममंथन का अवसर है’, पांच साल पूरे होने पर बोले मुख्यमंत्री धामी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 4 Jul, 2026 05:57 PMऋषिकेश। उत्तराखंड सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा अभियान का शनिवार को ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल ग्राउंड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर दोनों ने देहरादून जनपद के लिए ₹219.29 करोड़ की लागत वाली 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
लोकसेवा और सुशासन का प्रतीक है अभियान : राज्यपाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा, “यह अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।” उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक नागरिक तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुँचे।”
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक समय तक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है।
ऐतिहासिक निर्णयों से बदली उत्तराखंड की तस्वीर
राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड ने कई ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिए हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानूनी प्रावधान, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कड़े कानून तथा प्रभावी भू-कानून को सुशासन और जनहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तीकरण और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं महिला सशक्तीकरण को नई मजबूती दे रही हैं।
उत्तराखंड निवेश और विकास का नया केंद्र बना
राज्यपाल ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास, पर्यटन एवं होमस्टे योजना के विस्तार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और आधारभूत संरचना परियोजनाओं ने उत्तराखंड को विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे नवाचार आधारित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “आज से पांच वर्ष पूर्व मुझे देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ था और यह यात्रा जनसेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन एवं जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाना है। इसके लिए आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, पर्यटन, उद्योग, निवेश, स्वरोजगार और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रोजगार, निवेश और महिला सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत प्रदेश की 2.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। वहीं चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से राज्य को नई पहचान मिली है।
पारदर्शी भर्ती और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, बजट और औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जनभागीदारी के माध्यम से वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास और भरत चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं महेंद्र भट्ट, विभिन्न विधायक, महापौर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।



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