पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के अंदर सरकारी सेवा में समायोजित करें: मुख्यमंत्री धामी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Jul, 2026 05:01 PMदेहरादून। उत्तराखंड में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने और खेल ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बड़ा निर्देश जारी किया है। गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तय समय सीमा के भीतर सरकारी सेवा में समायोजित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पाने वाले अधिकतर खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति देने की कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ खेल क्षेत्र को मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की Ministry of Youth Affairs and Sports द्वारा लाई गई राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप ही उत्तराखंड की नई खेल नीति तैयार की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को Uttarakhand State Sports University, गोलापार (हल्द्वानी) में आगामी माह से शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, कोच, कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने ‘एक ब्लॉक, एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत निर्माण कार्यों को गति देने पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि अब तक 48 मिनी स्टेडियम तैयार किए जा चुके हैं जबकि 10 अन्य पर निर्माण कार्य जारी है।
धामी ने 38वें National Games of India के दौरान तैयार किए गए खेल बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में विकसित सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएं और प्रतिभाओं की पहचान की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखंड को “खेलभूमि” के रूप में स्थापित करना है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। साथ ही भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट और राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर खिलाड़ी को बेहतर सुविधाएं मिलें और युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिले।



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