उत्तराखंड में चलेगा ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान, किसानों के लिए बनेगी नई कार्ययोजना
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Jun, 2026 10:41 PMदेहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड में किसानों को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Dhan Singh Rawat ने नई दिल्ली में Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited के अध्यक्ष Dileep Sanghani से मुलाकात कर राज्य में कृषि और सहकारिता क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इस दौरान प्रदेशभर में ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान व्यापक स्तर पर चलाने और किसानों के हित में नई कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।
नई दिल्ली स्थित इफको मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने इफको अध्यक्ष से आग्रह किया कि उत्तराखंड में कृषि एवं सहकारिता गतिविधियों में इफको की भागीदारी और बढ़ाई जाए, साथ ही किसानों के हित में पूरे प्रदेश में ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान को बड़े स्तर पर संचालित किया जाए।
इफको अध्यक्ष दिलीप संघानी ने मंत्री के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि इफको जल्द ही उत्तराखंड में एक बड़े किसान सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन में किसानों के हित में संचालित योजनाओं, इफको की भागीदारी और कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
बैठक में इफको के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल, विपणन प्रबंधक योगेंद्र कुमार, उत्तराखंड से इफको निदेशक उमेश त्रिपाठी, प्रदीप चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य सरकार और इफको के बीच हुई यह पहल उत्तराखंड में कृषि सुधार, प्राकृतिक खेती और किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



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