देहरादून को जाम से राहत देने की तैयारी, परेड ग्राउंड–गांधी पार्क के बीच बनेगी अंडरग्राउंड पार्किंग
390 और 189 वाहनों की क्षमता वाली दो पार्किंग परियोजनाओं पर मंथन, 128 करोड़ की योजनाओं को मिलेगा आकार
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 May, 2026 11:11 PMदेहरादून:
राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के मध्य प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग योजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
6500 वर्गमीटर में बनेगी 390 वाहनों की पार्किंग
लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत योजना के अनुसार परेड ग्राउंड–गांधी पार्क क्षेत्र में लगभग 6500 वर्गमीटर में जी-1 स्तर की अंडरग्राउंड पार्किंग विकसित की जाएगी। इसकी अनुमानित लागत करीब 60 करोड़ रुपये है और इसमें लगभग 390 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। इस परियोजना से राजपुर रोड, ऐस्ले हॉल, सुभाष रोड और लैंसडाउन चौक के आसपास सड़कों पर खड़े वाहनों की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
निर्माण के दौरान ट्रैफिक बाधित न हो, बनेगा प्लान
बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए विस्तृत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। इसके लिए परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एमडीडीए के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
एनओसी और शुल्क निर्धारण पर जोर
परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले खेल विभाग और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पार्किंग शुल्क का निर्धारण भी अन्य पार्किंग स्थलों के अनुरूप तय किया जाएगा।
सचिवालय क्षेत्र में दूसरी पार्किंग योजना
बैठक में सचिवालय के समीप राजपुर रोड पर प्रस्तावित दूसरी अंडरग्राउंड पार्किंग योजना पर भी विचार किया गया। इस परियोजना की अनुमानित लागत 68 करोड़ रुपये है और इसमें 189 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रति वाहन अधिक लागत को देखते हुए सचिव आवास ने योजना की पुनः समीक्षा के निर्देश दिए हैं और यह स्पष्ट करने को कहा है कि इसका उपयोग आम जनता के लिए होगा या केवल सचिवालय कर्मियों के लिए।
पर्यावरण संतुलन के साथ विकसित होगा प्रोजेक्ट
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परियोजना का निर्माण पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जाए। हरित क्षेत्र और पारिस्थितिकी संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसे एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना है।
अगली बैठकों में होगा अंतिम निर्णय
यह बैठक परियोजना के प्रारंभिक चरण की समीक्षा थी। आने वाले समय में सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद डिजाइन, लागत और समयसीमा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि अंडरग्राउंड पार्किंग जैसी योजनाएं देहरादून की ट्रैफिक समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और इन्हें जल्द धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।


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