सीबीडीसी के जरिए अनुदान वितरण का शुभारम्भ, पारदर्शिता से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ : गणेश जोशी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 4 May, 2026 04:41 PMदेहरादून। Ganesh Joshi ने सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत डिजिटल भुगतान प्रणाली (सीबीडीसी) के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के खातों में प्रतीकात्मक डिजिटल भुगतान कर नई व्यवस्था की शुरुआत की।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस स्थापना योजना में डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे। पॉलीहाउस निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यह राशि ‘लॉक्ड स्टेटस’ में रहेगी और सत्यापन के बाद संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में भुगतान किया जाएगा, जिससे धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
मंत्री जोशी ने बताया कि नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 50 से 100 वर्गमीटर के पॉलीहाउस के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 304.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है और अनुदान तीन किस्तों में सीबीडीसी वाउचर के माध्यम से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों और कंपनियों का पंजीकरण किया गया है, जिनके माध्यम से किसान पॉलीहाउस निर्माण करा सकते हैं। डिजिटल वॉलेट के जरिए सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से पहुंचेगी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि एवं उद्यान विभाग की सभी योजनाओं में सीबीडीसी के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर कृषि विभाग, बैंकिंग संस्थानों और नाबार्ड के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


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