आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में तीन ‘ग्रोथ ड्राइवर’—कृषि, उद्योग और पर्यटन पर सरकार का विशेष फोकस

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Lucknow, 10 Mar, 2026 02:41 AM
आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में तीन ‘ग्रोथ ड्राइवर’—कृषि, उद्योग और पर्यटन पर सरकार का विशेष फोकस

देहरादून। आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने अपने बजट में तीन प्रमुख क्षेत्रों—कृषि, उद्योग और पर्यटन—को विकास के मुख्य आधार के रूप में चिन्हित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन क्षेत्रों को राज्य की आत्मनिर्भरता यात्रा के ‘ग्रोथ ड्राइवर’ बताया है। सरकार का मानना है कि इन तीनों क्षेत्रों को एक साथ सशक्त बनाकर प्रदेश में उत्पादकता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।


राज्य सरकार की रणनीति स्पष्ट है कि कृषि, उद्योग और पर्यटन को समान रूप से बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जाए। इसी सोच के साथ बजट में इन तीनों क्षेत्रों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़े और राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आए।


कृषि और संबंधित क्षेत्रों को प्रोत्साहन

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाओं के लिए बजट का प्रावधान किया है। उद्यान बीमा योजना के लिए 40 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये, कीवी और ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन के लिए 30.70 करोड़ रुपये तथा मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ योजना में 20 करोड़ रुपये, चाय विकास योजना के लिए 25.93 करोड़ रुपये, सुगंधित पौधा विकास के लिए 24.75 लाख रुपये और ‘महक क्रांति’ के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।


उद्योग क्षेत्र में निवेश और स्वरोजगार पर जोर

उद्योग क्षेत्र को गति देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के तहत 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये, मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति के तहत 25 करोड़ रुपये तथा निवेश प्रोत्साहन, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं को नए उद्यम स्थापित करने में सहायता मिल सकेगी।


पर्यटन विकास के लिए भी बड़ा प्रावधान

पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए इस क्षेत्र में भी बजट में पर्याप्त धनराशि निर्धारित की गई है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत राजस्व मद में 210.59 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 296.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वैश्विक पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए 18.50 करोड़ रुपये तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के लिए 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।


सरकार का मानना है कि इन तीनों क्षेत्रों में निवेश और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।


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