रुड़की में मेधावी छात्रों का सम्मान, मुख्यमंत्री धामी बोले- भारत को फिर विश्वगुरु बनाएगी युवा पीढ़ी

प्रतिभा सम्मान समारोह में बोर्ड टॉपर्स को किया सम्मानित, आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का भी लोकार्पण

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Lucknow, 27 Jul, 2026 04:14 PM
रुड़की में मेधावी छात्रों का सम्मान, मुख्यमंत्री धामी बोले- भारत को फिर विश्वगुरु बनाएगी युवा पीढ़ी

हरिद्वार/रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रुड़की में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

विद्या भारती के शिक्षा और संस्कार मॉडल की सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देशभर में शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में गोरखपुर से शुरू हुआ सरस्वती शिशु मंदिर आज एक विशाल शिक्षण आंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में विद्या भारती देशभर में लगभग 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान कर रही है, जबकि उत्तराखंड में इसके 562 विद्यालयों में करीब 1.25 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। मुख्यमंत्री ने संगठन के आचार्यों, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया।

नई शिक्षा नीति और युवाओं के लिए सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति को लागू कर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाया है। उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेज, आईटी लैब और छात्रावास जैसी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘कौशलम्’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।

नकल विरोधी कानून और पारदर्शी भर्ती का उल्लेख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को आगे की तैयारी के लिए ₹50 हजार की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।

शिशु वाटिका का किया लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर की अध्यक्ष कौशल्या देवी आर्या, विद्या भारती के केंद्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ला, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की की मेयर अनीता अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, राज्यमंत्री श्यामवीर सिंह सैनी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, उप जिलाधिकारी देवेंद्र नेगी सहित विभिन्न जिलों से आए अभिभावक, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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