हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के तहत बदल जाएगी धर्मनगरी की तस्वीर, जानिए चार बड़ी परियोजनाओं की खासियत
घाटों के पुनर्विकास से लेकर आधुनिक यातायात और आधारभूत सुविधाओं तक, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 21 Jul, 2026 06:15 PMहरिद्वार। आगामी कुंभ-2027 और वर्षभर आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार महत्वपूर्ण आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से हरिद्वार को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजनाओं के पूरा होने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर यातायात, सार्वजनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ मिलेगा।
हर की पैड़ी–सुभाष घाट का होगा व्यापक पुनर्विकास
गंगा कॉरिडोर की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हर की पैड़ी–सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना के तहत सुभाष घाट क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए धनुष घाट का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध हो सके।
परियोजना के तहत धनुष पुल, आस्था पथ और बोर्डवॉक पुल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही घाटों के पैदल मार्ग का सौंदर्यीकरण, भीड़ प्रबंधन व्यवस्था और आपातकालीन निकासी प्रणाली को भी आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।
हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में विकसित होगी आधुनिक आधारभूत संरचना
हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना के तहत पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। महाकुंभ और कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों का विकास, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यवस्थाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
रोड़ी बेलवाला क्षेत्र को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास परियोजना के माध्यम से इस क्षेत्र को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। परियोजना के तहत जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सर्विलांस सिस्टम, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाओं और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
इस परियोजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक मार्ग बनेगा अधिक चौड़ा और आधुनिक
प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना के तहत हरिद्वार के प्रमुख प्रशासनिक मार्ग का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मार्ग को आधुनिक स्वरूप देने के साथ यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाया जाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद महाकुंभ, कांवड़ यात्रा और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को मजबूती मिलेगी, जबकि स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही भी पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी।
महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मिलेगा नया आयाम
इन चारों परियोजनाओं के माध्यम से हरिद्वार में धार्मिक पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को नया स्वरूप मिलेगा। सरकार का लक्ष्य महाकुंभ-2027 से पहले इन परियोजनाओं को पूरा कर श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही इन विकास कार्यों से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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