उत्तराखंड में जिला स्तर पर शुरू हुआ आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रशिक्षण अभियान, टिहरी से हुई शुरुआत
आपदा मंत्री मदन कौशिक बोले— पूर्व तैयारी और प्रशिक्षण ही आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी ताकत, रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर सरकार का विशेष फोकस
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Jul, 2026 09:53 PMनई टिहरी। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान का शुभारंभ शनिवार को नई टिहरी के क्रीड़ा सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला से हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले 25 वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की स्थिति में किस क्रम में कौन-सा कदम उठाया जाए, इसके लिए सभी संबंधित विभागों और कार्मिकों का प्रशिक्षित एवं तैयार होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आपदा के दौरान रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही सामुदायिक सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों तथा अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों के अनुभव का लाभ लेने के लिए उन्हें राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ा जाएगा।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अब जिला स्तर पर जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, समन्वित कार्रवाई और आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रणाली का प्रशिक्षण देगा। उन्होंने बताया कि इस राज्यव्यापी क्षमता विकास अभियान की शुरुआत टिहरी गढ़वाल से की गई है और आने वाले दिनों में हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ सहित अन्य जिलों में भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. पूजा राणा ने ‘सचेत: सुरक्षा का राष्ट्रीय रडार’ और एकीकृत संचार प्रणाली, डॉ. पी.डी. माथुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के फ्रेमवर्क एवं लक्ष्यों, डॉ. वेदिका और रॉबिन अग्रवाल ने इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) के प्रभावी क्रियान्वयन, जबकि रोहित और धर्मेंद्र ने आपदा प्रबंधन से जुड़े पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के उपयोग पर प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, एडीएम शैलेंद्र नेगी, जिला आपदा अधिकारी बृजेश भट्ट, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
#Uttarakhand #DisasterManagement #MadanKaushik #Tehri #DisasterRiskReduction #PushkarSinghDhami #DisasterPreparedness #Training #YugvartaNews



No Previous Comments found.