बद्रीनाथ प्रकरण पर भाजपा का पलटवार, बोली- दोषी कितना भी बड़ा हो, जेल जाना तय

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Lucknow, 8 Jul, 2026 08:15 PM
बद्रीनाथ प्रकरण पर भाजपा का पलटवार, बोली- दोषी कितना भी बड़ा हो, जेल जाना तय

देहरादून। बद्रीनाथ धाम से जुड़े कथित चोरी प्रकरण को लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पार्टी ने दावा किया कि सरकार ने पहले दिन से ही पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई की है तथा दोषियों के खिलाफ विभागीय के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने कहा कि बद्रीनाथ धाम से जुड़ा यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आरोपित कर्मचारी को निलंबित किया गया है, एफआईआर दर्ज कराई गई है और मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति को 15 दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

चमोली ने कहा कि भाजपा सरकार की स्पष्ट नीति है कि धार्मिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि आपराधिक पहलुओं की जांच के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। साथ ही जांच समिति को दान एवं चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व में समिति के अध्यक्ष रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस कर्मचारी पर आज आरोप लगे हैं, उसे स्थायी नियुक्ति किस आधार पर दी गई थी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि पूर्व कार्यकाल से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो उनकी भी जांच होनी चाहिए।

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि बद्रीनाथ प्रकरण भाजपा के लिए आस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास का विषय है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में मंदिर प्रबंधन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं और अब भाजपा सरकार पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

भाजपा ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि के धार्मिक स्थलों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी का कहना है कि सनातन आस्था, मंदिरों की गरिमा और करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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